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थोडा हल्का - जरा हटके (हास्य वयंग्य )

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रहीम के दोहे – Rahim ke Dohe

Posted On: 25 Feb, 2011 जनरल डब्बा में

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rahim1

जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करी सकत कुसंग ।

चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग ।।1 ॥


बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसा बुरा न कोय ॥2 ॥


रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।

टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय ॥3 ॥


बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।

पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर ॥4 ॥


मीठा सब से बोलिए, फैले सुख चहुँ ओरे!

वाशिकर्ण है मंत्र येही, ताज दे वचन कठोर ॥5 ॥


अब इन पांचों दोहों का मतलब कोई दोस्त बता दे, आज देखते है जागरण जंक्शन के दोस्तों में कुछ ज्ञान है या बस…. राजकमल जी, निखिल जी और आदरणीय खुराना जी से विशेष आग्रह है कि जरा इन दोहों का अर्थ बता दें क्यूंकि ये हिन्दी में तो मुझे कहीं नहीं मिले.



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48 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

seo के द्वारा
December 6, 2015

Hello Web Admin, I noticed that your On-Page SEO is is missing a few factors, for one you do not use all three H tags in your post, also I notice that you are not using bold or italics properly in your SEO optimization. On-Page SEO means more now than ever since the new Google update: Panda. No longer are backlinks and simply pinging or sending out a RSS feed the key to getting Google PageRank or Alexa Rankings, You now NEED On-Page SEO. So what is good On-Page SEO?First your keyword must appear in the title.Then it must appear in the URL.You have to optimize your keyword and make sure that it has a nice keyword density of 3-5% in your article with relevant LSI (Latent Semantic Indexing). Then you should spread all H1,H2,H3 tags in your article.Your Keyword should appear in your first paragraph and in the last sentence of the page. You should have relevant usage of Bold and italics of your keyword.There should be one internal link to a page on your blog and you should have one image with an alt tag that has your keyword….wait there’s even more Now what if i told you there was a simple Wordpress plugin that does all the On-Page SEO, and automatically for you? That’s right AUTOMATICALLY, just watch this 4minute video for more information at. Seo Plugin seo

satyam के द्वारा
October 27, 2014

MAST HAI……………………………………………………………………………………………………………………..

satyam के द्वारा
October 27, 2014

ई आम नोट सतिसफ़िएड विथ योर आंसर.

satyam के द्वारा
October 27, 2014

thanks for your help!!!

Shashikant के द्वारा
December 13, 2013

हमें सभी लोगो से प्रेम से बातें करनी चाहिए,क्युकी सारे संसार में बस यही एक मंत्र है जिससे लोगो को अपने वश में किया जा सकता है और वो है अपने कडवे वचनों का त्याग करके .

Shashikant के द्वारा
December 13, 2013

यदि कोई व्यक्ति बड़ा आदमी बन जाये तो इसे बड़े आदमी का कोई मोल नही होता,जब तक की वो किसी की सहायता करने योग्य न हो, जिस प्रकार खाजूर का वृक्ष होता तो बड़ा है परन्तु वह इतना बड़ा होता है कि न तो उससे किसी राही को छाया मिलती है और अत्यधिक ऊँचा होने के कारन ही वह किसी को फल भी नहीं दे पाता.

Shashikant के द्वारा
December 13, 2013

Third dohe me kabir daas ji kahte hai ki ” He manav kisi bhi pyar bhare rishte ko hume bina soche samjhe nahi todna chahiye yani ki hume kishi bhi rishte ko todane se pahle( kishi ke sath bura baartav karne se pahle) hajar baar soch lena chahiye kyuki koi bhi rishta tutne ke baad fir doobara nahi joda ja sakta hai aur agar jod bhi diya jay to jaise tooti huyi rassi jodane par gath pad jati wase hi tuta rista jodne par pahle jaisi baat nahi rah jati hai

Shashikant के द्वारा
December 13, 2013

Second dohe me kabir daas ji kahte hai ki ” Maine Duniya me Bure logo ko bahut khoja par mujhe aajtak koi bhi bura aadami nahi mila. Fir maine apne aap me hi boorai khojne ki sochi to maine paya ki sare jaha me mujhase bura koi nahi hai. Kabir daas ji ka kahne ka arth yah hai ki hum doosare logo me bahut booriya dekhate(Nikalate) hai par apne andar kabhi jhank kar nahi dekhate hai kayuki sari booraiya humare ander hi samahit hoti hai.

Shashikant के द्वारा
December 13, 2013

First dohe me kabir daas ji kahte hai ki ” Jo acche swbhav ka sajjan aadmi hota hai use hum kitne hi bure logo ke sath rakhe par waha par bhi wah sajjano ki tarah hi vyawhar karega jaise ki chandn ke ped par hajaro Lakho vishaile sharp raat din lipte hote hai phir bhi vah hamesha sheetal aur sugndhit bana rahta hai” Usi prakar Hum kitani bhi buri paristhiti me ho hume apna (Dhourya Nahi Khona Chahiye) acharan Pavitra aur Suddh rakhana Chahiye.

Daljit Singh के द्वारा
September 10, 2013

पहले दोहे में रहीम जी संतो को कहते है की ” हे संत्जन्नो जैसे चन्दन वृक्ष पर हजारो सांप लिपटने पर भी विषैला नहीं होता, ढीक वैसे ही प्रभु की भागती में लीन पुरुष उन की किरपा द्वारा हजारो दुराचारीयो के बीच रहकर भी कोमल और निर्मल बना रहता है” इसलिए आप चिंता मत करे प्रभु आप पर किरपा करेंगे.

bidu ladki के द्वारा
July 21, 2013

this is not the right answer…,

Sudhanshu के द्वारा
April 18, 2013

१. जिस व्यक्ति का चरित्र उत्तम है उसकी संगती भले ही कैसी भी हो उसका कुछ नही बिगड़ सकती, जिस प्रकार चन्दन के वृक्ष पर लिपटे सर्प कभी चन्दन को विषैला नही कर सकते २. जब मैंने किसी बुरे की तलाश करनी चाही तो मुझे कोई भी बुरा नही मिला,मगर जब मैंने अपने ही ह्रदय में झाँक कर देखा तो मुझसे बुरा कोई भी नज़र नही आया ३. रहीम जी कहते हैं की प्रेम से भरा रिश्ता कभी किसी छोटी सी बात पर बिना सोचे समझे नही तोड़ देना चाहिए, क्युकी ये एक धागे के समान होते हैं जो जुड़ तो जाते हैं मगर गाँठ फिर भी पड़ी रहती है ४. यदि कोई व्यक्ति बड़ा आदमी बन जाये तो इसे बड़े आदमी का कोई मोल नही होता,जब तक की वो किसी की सहायता करने योग्य न हो, जिस प्रकार खाजूर का वृक्ष होता तो बड़ा है परन्तु न तो उससे किसी राही को छाया मिलती है और न ही किसी को फल ५. सभी से प्रेम से बातें करनी चाहिए, विश्व में बस एक ही मंत्र है जिससे लोगो को अपने वश में किया जा सकता है और वो है अपने कडवे वचनों का त्याग

Sudhanshu के द्वारा
April 18, 2013

१. जिस व्यक्ति का चरित्र उत्तम है उसकी संगती भले ही कैसी भी हो उसका कुछ नही बिगड़ सकती, जिस प्रकार चन्दन के वृक्ष पर लिपटे सर्प कभी चन्दन को विषैला नही कर सकते २. जब मैंने किसी बुरे की तलाश करनी चाही तो मुझे कोई भी बुरा नही मिला,मगर जब मैंने अपने ही ह्रदय में झाँक कर देखा तो मुझसे बुरा कोई भी नज़र नही आया ३. रहीम जी कहते हैं की प्रेम से भरा रिश्ता कभी किसी छोटी सी बात पर बिना सोचे समझे नही तोड़ देना चाहिए, क्युकी ये एक धागे के समान होते हैं जो जुड़ तो जाते हैं मगर गाँठ फिर भी पड़ी रहती है ४. सभी से प्रेम से बातें करनी चाहिए, विश्व में बस एक ही मंत्र है जिससे लोगो को अपने वश में किया जा सकता है और वो है अपने कडवे वचनों का त्याग

Raj jadhav के द्वारा
January 16, 2013

Bohat acha hai

xyz के द्वारा
January 9, 2013

बड़े अच्छे लगते हैं ये दोहे रहीम और उसके शब्द ला ला ला ला ला ला ………………

VAISHNAVI GUPTA के द्वारा
December 23, 2012

rahimdas ji k dohe achche hote han………….!! :)

    jack के द्वारा
    January 11, 2013

    दोहे जीवन का सार होते है.. और जीवन हमेशा अच्छा होता है.. KEEP VISITNG http://www.jack.jagranjunction.com

gaurav के द्वारा
October 15, 2012

मस्त हैं ! :)

jdf.vjn के द्वारा
May 31, 2012

RADDDD BEKARRRRRRR

Angana Borah के द्वारा
May 24, 2012

बड़े अच्छे दोहे है. इनको पढकर मन प्रसन्न हो जाता है.

Tahnee के द्वारा
May 7, 2012

रहीम जी के दोहे यहाँ पोस्ट करने के लिए बहुत धन्यवाद, इसके बिना मेरा गृहकार्य पूरा ही नहीं हुआ होता :)

    sachit के द्वारा
    June 8, 2012

    i love u tanhee

कुलदीप श्रीवास्तव के द्वारा
May 4, 2012

श्रीमान जी प्रथम दोहे का अर्थ है : १) रहीम जी कहते है जो मनुष्य अछे आचरण के होते है उनके आचरण मैं गलत संगत का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है जैसे की चन्दन के पेड पर अजगर लिपटने से चन्दन के लकड़ी मैं विष नहीं मिलता है २) रहीम जी कहते है दुसरो के अन्दर बुराइया खोजने से अछा आप अपना ह्रदय मैं झांक के देखेंगे तोह आप को लगेगा के आप से बुरा कोई नहीं है इसलिए दुसरो मैं बुराइया खोजने से अछा है आप अपना ह्रदय निर्मल रखें है ३) रहीम जी कहते है की प्रेम का जो रिश्ता होता है वो कचे धागे की तरह होता है अगर कचे धागे जरा सा भी झटका लगता है वो टूट जाता है और अगर आप उस धागे को जोड़ने की कोशिस करते है तो उसमे एक जोड़ बनजाती वैसे ही प्रेम का रिश्ता भी है जब कोई तकरार प्रेम मैं अत है रिश्ता टूट जाता है और बाद मैं आप लाख उसे जोड़ने की कोसिस करे मगर एक कसक सी रहजाती है ४) रहीम जी कहते है जैसे खजूर का पेड सीधा और बड़ा होजाता है न तो वो रह्में चलने वाले पंथे को छाया भी नहीं दे पाता है और फल भी इतने उपर की कोई उसे तोड़ के खा सके इसका अर्थ है आप चाहे लाख बड़े हो जाये और किसी के कम न ए तोह आप का बड़ा होना और जीवन व्यर्थ है ५)रहीम जी कहते है कठोर वाणी को त्याग कर मीठे वचन बोले क्यूँ की मीठा वचन की ही चारो ओर प्रेम फैलाता है और किसी को अपने वश मैं करना है तो उसे दो मीठे बोल बोले वो आप से मोहित हो जायेगा अगर मुझसे कोई त्रुटी हुई हो तोह उसके लिए मैं छमा चाहूँगा धन्यवाद्

    soundarya के द्वारा
    May 13, 2012

    thank u sooo much 4 de meanings…<3333

ayshwarya rao के द्वारा
April 12, 2012

बहुत धनयवाद रहीम जी के दोहो के लिए, बचपन की याद ताजा हो गई।

    sachit के द्वारा
    June 8, 2012

    i love u ayshwarya 

ANAND SHARMA के द्वारा
November 11, 2011

प्रथम पंक्ति में रहीम दास जी कहते है कि उच्च विचार वालो से बुरी सांगत वाले जुड़े रहते है जिस प्रकार चन्दन के पेड़ से सर्प लिपटे रहते है जब बुराई को देखने के लिए निकला तो मुझे बुरा कोई न दिखा तो जब मैंने अपने अन्दर झांकर देखा तो पता चला कि मुझे से बुरा कोई नहीं है सब से बुरा में ही हू रहीम दास जी कहते है कि प्रेम के बंधन को कभी तोड़ना नहीं चाहिए क्योकि प्रेम के बंधन में एक बार जब गांठ पद जाती है तो वह हमेशा बनी रहती है जिस प्रकार धागा एक बार टूट जाता है तो वह जुड़ता नहीं है अगर वह जुड़ भी जाता है है तो उसमे गांठ तो बनी ही रहती है बड़ा होने से कोई फायदा नहीं है बिना गुण के जिस प्रकार खजूर का पेड़ बहुत बड़ा होता है पर छाया नहीं देता है और न ही फल देता है बस वो देखने में बड़ा होता है यदि हम सबसे मीठा बोलेंगे तो हमको चारो तरफ प्यार मिलेगा इसका मतलब यह है किजैसा करोगे बैसा भरोगे

    palak के द्वारा
    January 2, 2012

    good job

    priya के द्वारा
    January 16, 2012

    good work

    jack के द्वारा
    January 11, 2013

    कमेंट के लिए धन्यवाद http://www.jack.jagranjunction.com

Syeds के द्वारा
October 3, 2011

रहीम जी के दोहे पोस्ट करने के लिए धन्यवाद…

    sanjana के द्वारा
    October 15, 2011

    वेलकम

fkjaldfd के द्वारा
June 4, 2011

PBbbW7 , [url=http://vjcrczloslhp.com/]vjcrczloslhp[/url], [link=http://nicrpqezitxs.com/]nicrpqezitxs[/link], http://hdtsldcdnpzx.com/

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June 2, 2011

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dnnuure के द्वारा
June 1, 2011

IuWSHN sgfypmmjohas

Hawk के द्वारा
June 1, 2011

No more s***. All posts of this qualtiy from now on

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 25, 2011

जैक साहब, आज पहली बार आपकी पोस्ट पर कमेन्ट कर रहा हूँ वजह है रहीम के दोहे|ये सभी दोहे मुझे बहुत पसंद हैं उनके अर्थ तो स्वतः ही स्पष्ट हैं फिर भी आपके लिए – १. जिस व्यक्ति के विचार और रहन-सहन उच्च स्तरीय होंगे वह कभी भी बुरी चीज़ों या व्यक्तियों से प्रभावित नहीं हो सकता ठीक उसी तरह से जैसे कि चन्दन वृक्ष से सांप के लिपटे रहने से भी उसमें विष व्याप्त नहीं होता| २. लोग दूसरों की बुराई करने से नहीं चूकते पर कभी कोई अपने गिरेबां में झांक कर नहीं देखता की उसके अंदर कितनी बुराई भरी पड़ी है| ३. आपसी प्रेम एक आस्था है| प्रेम का ये धागा कभी टूटने नहीं देना चाहिए क्यूंकि एक बार संबंधों में कटुता आ जाये तो लाख कोशिशें कर ली जाएँ मगर वह पूर्ववत नहीं हो पाते वैसे ही जैसे कि धागा एक बार टूट जाये तो बिना गांठ लगे जुड़ नहीं सकता| ४.ये दोहा मुझे लगता है कबीरदास का है फिर भी अर्थ है- बड़प्पन कहने से नहीं करने से झलकता है|उस खजूर के पेड़ का क्या फायदा जो न तो पथिक को छाँव दे सके और अगर फल खाना चाहें तो बड़ी मुश्किल से तोड़ा जा सकता है| ५. हमें मृदुभाषी बनना चाहिए जिससे चारों ओर सुख व्याप्त होगा, लोगों को अपना बनाने और उनका मन मोह लेने का यही एक तरीका है कटु वचन नहीं बोलने चाहिए| आशा है आपको अपना समाधान मिल गया होगा| साभार, वाहिद काशीवासी http://kashiwasi.jagranjunction.com

    Deepak Sahu के द्वारा
    February 25, 2011

    वाहिद जी बहुत सही अर्थ निकालें हैं दोहों के ! बधाई दीपक साहू

    jack के द्वारा
    February 25, 2011

    वाहिद जी आपके कमेंट के लिए धन्यवाद… खुशी हुई कि आपने मेरे ब्लॉग पर कमेंट किया.

    Gaurav के द्वारा
    July 6, 2011

    thanks wahid. i m in class 9th.i got holiday hw.i want to write raheem’s dohe in hindi.

nishamittal के द्वारा
February 25, 2011

जेक जी इनके अर्थ तो पंचम कक्षा का छात्र भी बता देगा.

    jack के द्वारा
    February 25, 2011

    निशा जी आपने बात तो सही कहीं लेकिन क्या करें दिल तो बच्चा है जी…

    jennifer के द्वारा
    December 21, 2011

    hmmmmmmmmm

    Buddhi के द्वारा
    January 29, 2012

    मतलब तो बचचा भी बता देगा, लेिकन कई बार बडे भी अमल नही कर पाते.

Shankar के द्वारा
February 25, 2011

रहीम के दोहे समाज में ब्नहुत अच्छी शिक्षा देते है, मुझे उपरोक्त पांच में से एक दोहे का मतलब पता है , जिसका मतलब है दिल के धागों को टूटने नही देना चाहिए वरना या तो वह जुड नही पाते या फिर उसमें गा6ठ पड जाती है. बहुत खुब जैक जी

    Kavya के द्वारा
    June 19, 2011

    जो  apne 4 doha diya hai wo to kabirdas ka hai

    Prabhav के द्वारा
    January 15, 2012

    जो व्यक्ति उत्तम प्रकृति के होते हें उन पर कुसंग का भी कोई असर नहीं परता जिस प्रकार चन्दन के वृक्ष पर सांप लिपटे रहते हें फ्हिर भी वह अपनी शीतलता नहीं छोड़ता

    Cherian Kurian के द्वारा
    April 11, 2012

    Hello! I am looking for a brilliant doha of Rahim in which he speaks about charity to beggars….that the person who goes out to beg is dead but so is the person who refuses to give anything to the beggar. Can anyone find this for me, please.




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