Best Web Blogs    English News

facebook connectrss-feed

थोडा हल्का - जरा हटके (हास्य वयंग्य )

Shayri, jokes, chutkale and much more...

251 Posts

767 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

अश्लील विज्ञापन और नारी सशक्तिकरण : एक मजाक

पोस्टेड ओन: 12 Aug, 2011 जनरल डब्बा में

कुछ हल्का जरा हटके लिखने की चाहत में आज मन किया जागरण जंक्शन के साप्ताहिक फोरम पर ही कुछ लिखा जाए. वैसे भी जब से इस मंच पर फोरम नाम का विषय-देऊ सेक्शन शुरु हुआ है तब से टॉपिक ना होने का बहाना बनाना अच्छा नहीं लगता.


Gender Equality and Women's Empowerment in Indiaअब आते हैं मुद्दे पर महिला सशक्तिकरण. आज देश के चार बड़े राज्यों की कमान महिला मुख्यमंत्रियों के हाथ में हैं, देश की राष्ट्रपति होने का गौरव भी एक महिला को ही हासिल है और तो और भारत के प्रधानमंत्री पद की डोर (अदृश्य रुप से) भी एक महिला के ही हाथ में है. प्रतिभा पाटिल, सोनिया गांधी, शीला दीक्षित, मायावती, जैसी नेताएं देश में बढ़ती महिलासशक्तिकरण की पहचान बनकर उभरी हैं.

देश का सिनेमा जगत हमें हमेशा याद दिलाता रहता  है कि आज की नारी को अबला मानने की भूल कतई ना करें.


Empowerment-Resources3लेकिन भारत में जो होता है वह दिखता नहीं और जो होता है वह दिखता है. अगर एक बात पर गौर करें तो जिन राज्यों की मुख्यमंत्री खुद महिला हैं वहां महिलाओं पर शोषण की खबरें सबसे ज्यादा आ रही हैं. दिल्ली और यूपी में महिलाओं खुद को दिन के उजाले में भी असहाय और असुरक्षित महसूस करती हैं. हाल के सालों में दिल्ली में गैग रेप, बलात्कार के दर्जनों केस आएं हैं जिनमें से अधिकतर तो पॉश कॉलोनियों में हुआ है. और कमोबेश पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की हालात भी एक समान है.


हां, पर यहा यह कहनेवाले भी कम नहीं है जो लड़कियों के कम कपड़ों की इसकी वजह मानते हैं. कुछ बुद्धिजीवियों की नजर में मॉडर्न फैशन को अपनाना भी कुकर्मियों को दावत देने की समान है. लेकिन यह सब बातें सिर्फ अवधारणा मात्र मानी जा सकती है. जो लोग इस तरह की बातें करते हैं उनसे खुद पूछ कर देख लो कि क्या आपको लड़की साड़ी में पसंद है या वेस्टर्न कपडों में.


Lovebirds in Delhi have nowhere to goलेकिन कुछ गलती लड़कियों की तरफ से भी है. अगर आप देखें तो आज हर पार्क और लवर्स गार्डन में आपको लड़कियां गुलछरे उड़ाती हुई दिखेंगी और वह कहती हैं हम मॉर्डन हैं. उनके मुताबिक वह मॉर्डन हैं और अपनी संस्कृति को तकिए के नीचे घर में छोड़ कर आतीं है. आज दिल्ली के बुद्धा पार्क, लोधी गार्डन और इंद्रप्रस्थ जैसे गार्डनों में लोग अपने परिवार के साथ जाना पसंद नहीं करते क्यूंकि यहां आजकल के युवा अपनी तथाकथित आजादी का अश्लील जश्न मनाते हैं.


भारत में एक कहावत है कि “कभी ताली एक हाथ से नहीं बजती”. हमको भी समझना होगा महिला सशक्तिकरण का सपना तब तक हकीकत की धरातल पर नहीं आ सकता जब तक समाज पूरी तरह इस तरफ जागरुक नहीं होता और साथ ही महिलाओं को भी समझना होगा कि आजादी के बाद मतलब यह नहीं है अश्लील हो जाएं. एक मर्यादा में रहकर महिलाओं को भी आगे बढ़ना होगा और अपने हक का सही इस्तेमाल करना होगा.




Tags: Love  pyar  WOMEN EMPOWERMENT IN INDIA –  SEX IN COLLEGE  LOVERS GARDEN  LOVERS GARDEN IN DELHI  LODHI GARDEN  WOMENS  MAHILA SHASHAKTIKARAN  Gender Equality and Women's Empowerment in India  Lovebirds in Delhi have nowhere to go  

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 3.33 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments




  • ज्यादा चर्चित
  • ज्यादा पठित
  • अधि मूल्यित