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कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning

पोस्टेड ओन: 28 Nov, 2012 जनरल डब्बा में


कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning

चिंता ऐसी डाकिनी, काटि करेजा खाए

वैद्य बिचारा क्या करे, कहां तक दवा खवाय॥


अर्थात चिंता ऐसी डाकिनी है, जो कलेजे को भी काट कर खा जाती है। इसका इलाज वैद्य नहीं कर सकता। वह कितनी दवा लगाएगा। वे कहते हैं कि मन के चिंताग्रस्त होने की स्थिति कुछ ऐसी ही होती है, जैसे समुद्र के भीतर आग लगी हो। इसमें से न धुआं निकलती है और न वह किसी को दिखाई देती है। इस आग को वही पहचान सकता है, जो खुद इस से हो कर गुजरा हो।


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New RAHIM KE DOHE WITH HINDI MEANING


कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning


आगि जो लगी समुद्र में, धुआं न प्रगट होए।
की जाने जो जरि मुवा, जाकी लाई होय।।

फिर इससे बचने का उपाय क्या है? मन को चिंता रहित कैसे किया जाए? कबीर कहते हैं, सुमिरन करो यानी ईश्वर के बारे में सोचो और अपने बारे में सोचना छोड़ दो। या खुद नहीं कर सकते तो उसे गुरु के जिम्मे छोड़ दो। तुम्हारे हित-अहित की चिंता गुरु कर लेंगे। तुम बस चिंता मुक्त हो कर ईश्वर का स्मरण करो। और जब तुम ऐसा करोगे, तो तुरत महसूस करोगे कि सारे कष्ट दूर हो गए हैं।


कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning



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कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning


लेकिन कबीर प्रत्येक व्यक्ति को स्वावलंबी बनने का उपदेश देते हैं। कहते हैं :

करु बहियां बल आपनी, छोड़ बिरानी आस।
जाके आंगन नदिया बहै, सो कस मरै पियास।।

अर्थात मनुष्य को अपने आप ही मुक्ति के रास्ते पर चलना चाहिए। कर्म कांड और पुरोहितों के चक्कर में न पड़ो। तुम्हारे मन के आंगन में ही आनंद की नदी बह रही है, तुम प्यास से क्यों मर रहे हो? इसलिए कि कोई पंडित आ कर बताए कि यहां से जल पी कर प्यास बुझा लो। इसकी जरूरत नहीं है। तुम कोशिश करो तो खुद ही इस नदी को पहचान लोगे।


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कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning

कबीर एक उपाय और बताते हैं, कहते हैं कि सुखी और स्वस्थ रहना है तो अतियों से बचो। किसी चीज की अधिकता ठीक नहीं होती। इसीलिए कहते हैं :

अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।


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कबीर के दोहे अर्थ सहित: Kabir ke Dohe in Hindi With meaning

इस चंचल मन के स्वभाव की विवेचना करते हुए कबीर कहते हैं, यह मन लोभी और मूर्ख हैै। यह तो अपना ही हित-अहित नहीं समझ पाता। इसलिए इस मन को विचार रूपी अंकुश से वश में रखो, ताकि यह विष की बेल में लिपट जाने के बदले अमृत फल को खाना सीखे।

कबिरा यह मन लालची, समझै नहीं गंवार।
भजन करन को आलसी, खाने को तैयार।।
कबिरा मन ही गयंद है, आंकुष दे दे राखु ।
विष की बेली परिहरी, अमरित का फल चाखु ।।


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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

VIKAS TIWARI के द्वारा
September 24, 2014

VERY USEFUL DOHE IN PERSONAL LIFE

VIKAS TIWARI के द्वारा
September 24, 2014

VERY USEFUL DOHE FOR PERSONAL LIFE.

prabhuram के द्वारा
September 23, 2014

nice

prabhuram के द्वारा
September 23, 2014

ई नीड कबीर vani

Manjit Singh Rana के द्वारा
August 2, 2014

इमैन कबीर के दोहे प्रतिदिन अपनी मेल पर mangaana चाहता हूँ प्लीज.

shadiya के द्वारा
July 26, 2014

i want the meaning of some dohe.. from saakhi of kabir das they are start as 1) guru govind dou……… 2)saath samand ki masi karo…… 3)paani bade naav mein…… 4) lagutha the prabhutha…… 5) nindak nyare rakiyee 6)kabiryah gar prem ka 7)paanhi kera budhbuda.. 8)kartha tha thou kyon rakhaa i want the meaning also in hindi in detail i’m not a hindivaali so help me please…….

    nirmal के द्वारा
    August 17, 2014

    1.guru and god are both present at same time and u hv to tch d feet of both at same time lin that case u hv to tch d feet of ur guru their is no diff bw guru and god. balhari guru apke govind diyo bataye aur khte hai ki mai apne guru ke age apna bal harta hu jinhone mujhe govind(god) se milaya hai 2. sab dharti kagaj karu lekhan sab van rye sath sihand ki mas karu guru gun likha na jaye: aagr is dharti pr maujod sabhi pedo ki kalam banalijaye aur agar is dharti ko kagaj bana liya jaye , sat samundro ki ink bana li jaye toh bhi guru ka gungan nhi kiya ja skta

taj के द्वारा
July 6, 2014

बहुत से दोहे नहीं हैं

A Directioner... के द्वारा
June 10, 2014

hindi assessment done….yaaaaayyy

tarun के द्वारा
February 16, 2014

Ho gya mera hindi ka project …!! :-) thnxx

prashant gupta के द्वारा
January 29, 2014

i like kabir das’s dohe very much

    A Directioner... के द्वारा
    June 10, 2014

    REALLY……

vigneshmohan के द्वारा
June 30, 2013

very helpful 4 me

    Prahlad Prasad,JNV,MRJ के द्वारा
    February 19, 2014

    Kabir Dohe is Very Helpful for life.




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