Best Web Blogs    English News

facebook connectrss-feed

थोडा हल्का - जरा हटके (हास्य वयंग्य )

Shayri, jokes, chutkale and much more...

251 Posts

782 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

शिक्षक दिवस(5 सितंबर) – गुरु के प्रति व्यक्त करें अपनी भावनाएं

पोस्टेड ओन: 24 Aug, 2012 जनरल डब्बा में

प्रिय पाठकों,

गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागु पांव, बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय। कबीर दास द्वारा लिखी गई यह पंक्तियां जीवन में गुरु के महत्व को वर्णित करने के लिए काफी हैं। जीवन में माता-पिता का स्थान कभी कोई नहीं ले सकता क्योंकि वे ही हमें इस रंगीन खूबसूरत दुनिया में लाते हैं। उनका ऋण हम किसी भी रूप में उतार नहीं सकते लेकिन जिस समाज में हमें रहना है, उसके योग्य हमें केवल शिक्षक ही बनाते हैं। यद्यपि परिवार को बच्चे के प्रारंभिक विद्यालय का दर्जा दिया जाता है लेकिन जीने का असली सलीका उसे शिक्षक ही सिखाता है। समाज के शिल्पकार कहे जाने वाले शिक्षकों का महत्व यहीं समाप्त नहीं होता क्योंकि वह ना सिर्फ आपको सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं बल्कि आपके सफल जीवन की नींव भी उन्हीं के हाथों द्वारा रखी जाती है।


इसीलिए गुरु की महत्ता को समझते हुए हर वर्ष भारत में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस यानि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।


कच्चे घड़े की भांति स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जिस रूप में ढालो, वे ढल जाते हैं। वे स्कूल में जो सीखते हैं या जैसा उन्हें सिखाया जाता है वे वैसा ही व्यवहार करते हैं। उनकी मानसिकता भी कुछ वैसी ही बन जाती है जैसा वह अपने आसपास होता देखते हैं। सफल जीवन के लिए शिक्षा बहुत उपयोगी है जो हमें गुरु द्वारा प्रदान की जाती है। गुरु का संबंध केवल शिक्षा से ही नहीं होता बल्कि वह तो हर मोड़ पर आपका हाथ थामने के लिए तैयार रहता है। आपको सही सुझाव देता है और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।


गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है, जिसके कई स्वर्णिम उदाहरण हमारे इतिहास में दर्ज हैं। लेकिन वर्तमान समय में कई ऐसे लोग भी हैं जो अपने अनैतिक कारनामों और लालची स्वभाव के कारण इस परंपरा पर गहरा आघात कर रहे हैं। ‘शिक्षा’ जिसे अब एक व्यापार समझकर बेचा जाने लगा है, किसी भी बच्चे का एक मौलिक अधिकार है लेकिन अपने लालच को शांत करने के लिए आज तमाम शिक्षक अपने ज्ञान की बोली लगाने लगे हैं। इतना ही नहीं वर्तमान हालात तो इससे भी बदतर हो गए हैं क्योंकि शिक्षा की आड़ में कई शिक्षक अपने छात्रों का शारीरिक और मानसिक शोषण करने को अपना अधिकार ही मान बैठे हैं।


किंतु हम बात कर रहे हैं ऐसे गुरुओं की जिन्होंने हमेशा समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। प्राय: सख्त और अक्खड़ स्वभाव वाले यह शिक्षक अंदर से बेहद कोमल और उदार होते हैं। हो सकता है आपके जीवन में भी कभी ना कभी एक ऐसा गुरु या शिक्षक का आगमन हुआ हो जिसने आपके जीवन की दिशा बदल दी या फिर आपको जीवन जीने का सही ढंग सिखाया हो।


जागरण जंक्शन मंच आपको अपने ‘गुरु’ से जुड़ी इन्हीं खट्टी-मीठी यादों को अन्य पाठकों के साथ बांटने का एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। आप अपना एक ब्लॉग लिखकर अपने अनुभवों को शब्दों में बयां कर सकते हैं। आप चाहे तो अपने किसी दोस्त या परिचित के अनुभव भी लिख सकते हैं।


नोट: अपना ब्लॉग लिखते समय इतना अवश्य ध्यान रखें कि आपके शब्द और विचार अभद्र, अश्लील और अशोभनीय ना हों तथा किसी की भावनाओं को चोट ना पहुंचाते हों।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार



Tags: Kabir ke dohe  कबीर के दोहे  kabir ke dohe in hindi  New RAHIM KE DOHE WITH HINDI MEANING  Kabir ke quotes  Sant Kabir's Quotes  हिन्दी कबीर  कबीर के दोहे अर्थ सहित  कबीर का दोहा  Kabir Ka Doha  

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (61 votes, average: 3.87 out of 5)
Loading ... Loading ...

10 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Manjit Singh Rana के द्वारा
August 2, 2014

इमैन कबीर के दोहे प्रतिदिन अपनी मेल पर mangaana चाहता हूँ प्लीज.

shadiya के द्वारा
July 26, 2014

i want the meaning of some dohe.. from saakhi of kabir das they are start as 1) guru govind dou……… 2)saath samand ki masi karo…… 3)paani bade naav mein…… 4) lagutha the prabhutha…… 5) nindak nyare rakiyee 6)kabiryah gar prem ka 7)paanhi kera budhbuda.. 8)kartha tha thou kyon rakhaa i want the meaning also in hindi in detail i’m not a hindivaali so help me please…….

    nirmal के द्वारा
    August 17, 2014

    1.guru and god are both present at same time and u hv to tch d feet of both at same time lin that case u hv to tch d feet of ur guru their is no diff bw guru and god. balhari guru apke govind diyo bataye aur khte hai ki mai apne guru ke age apna bal harta hu jinhone mujhe govind(god) se milaya hai 2. sab dharti kagaj karu lekhan sab van rye sath sihand ki mas karu guru gun likha na jaye: aagr is dharti pr maujod sabhi pedo ki kalam banalijaye aur agar is dharti ko kagaj bana liya jaye , sat samundro ki ink bana li jaye toh bhi guru ka gungan nhi kiya ja skta

taj के द्वारा
July 6, 2014

बहुत से दोहे नहीं हैं

A Directioner... के द्वारा
June 10, 2014

hindi assessment done….yaaaaayyy

tarun के द्वारा
February 16, 2014

Ho gya mera hindi ka project …!! :-) thnxx

prashant gupta के द्वारा
January 29, 2014

i like kabir das’s dohe very much

    A Directioner... के द्वारा
    June 10, 2014

    REALLY……

vigneshmohan के द्वारा
June 30, 2013

very helpful 4 me

    Prahlad Prasad,JNV,MRJ के द्वारा
    February 19, 2014

    Kabir Dohe is Very Helpful for life.




  • ज्यादा चर्चित
  • ज्यादा पठित
  • अधि मूल्यित